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शिलॉन्ग सांसद रिकी सिंगकॉन के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक, कहा- मेघालय उनकी सेवा को हमेशा याद रखेगा

  नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को शिलॉन्ग से लोकसभा सांसद रिकी ए.जे. सिंगकॉन के निधन पर शोक व्यक्त किया। इस दौरान पीएम म...

 


नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को शिलॉन्ग से लोकसभा सांसद रिकी ए.जे. सिंगकॉन के निधन पर शोक व्यक्त किया। इस दौरान पीएम मोदी ने सांसद को मेघालय की जनता के लिए अथक परिश्रम करने वाले एक समर्पित जनसेवक के रूप में याद किया।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि शिलॉन्ग से लोकसभा सांसद डॉ. रिकी ए.जे. सिंगकॉन के निधन से दुखी हूं। मेघालय की जनता के लिए उनकी समर्पित सेवा को हमेशा याद किया जाएगा। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, मित्रों और समर्थकों के साथ हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।

शिलॉन्ग के सांसद रिकी ए.जे. सिंगकॉन वॉइस ऑफ द पीपल पार्टी (वीपीपी) से थे। कल गुरुवार शाम फुटबॉल खेलते समय वे अचानक गिर पड़े थे, जिसके बाद उनका निधन हो गया। उनकी इस घटना से मेघालय के राजनीतिक हलकों में गहरा सदमा और शोक फैल गया है।

उनके दोस्त उन्हें तुरंत पास के मावियोंग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए, लेकिन उस समय केंद्र में डॉक्टरों के न रहने की वजह से उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र में रेफर किया गया। बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए जाइआव स्थित डॉ. एच. गॉर्डन रॉबर्ट्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।

डॉक्टरों ने बताया कि मेडिकल टीम के प्रयासों के बावजूद, डॉ. सिंगकॉन को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के कुछ ही समय बाद उनका निधन हो गया। उन्हें रात करीब 8.42 बजे मृत घोषित कर दिया गया, जिससे उनके समर्थक, सहकर्मी और राज्य के निवासी स्तब्ध रह गए।

उनके निधन की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा, उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन टिनसोंग, वीपीपी अध्यक्ष आर्डेंट मिलर बसैवामोइट, कई विधायकों, वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अस्पताल पहुंचे और परिवार को श्रद्धांजलि अर्पित की।

पहली बार सांसद बने डॉ. सिंगकॉन ने 2024 के लोकसभा चुनावों में भारी जीत दर्ज करने के बाद एक प्रमुख राजनीतिक हस्ती के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। उन्होंने तीन बार के कांग्रेस सांसद विन्सेंट एच. पाला को 3.7 लाख से अधिक वोटों के भारी अंतर से हराया था, जिससे मेघालय के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया। 

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