नई दिल्ली। सरकारी बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी वर्ष 2047 तक 30 गीगावाट की परमाणु ऊर्जा क्षमता स्थापित करने की योजना बना रही है। यह जानकारी...
नई दिल्ली। सरकारी बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी वर्ष 2047 तक 30 गीगावाट की परमाणु ऊर्जा क्षमता स्थापित करने की योजना बना रही है। यह जानकारी केंद्रीय विद्युत राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने गुरुवार को संसद में दी।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सभी आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद एनटीपीसी ने कंपनी अधिनियम के तहत एनटीपीसी परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड (एनपीयूएनएल) नाम से एक पूर्ण स्वामित्व वाली परमाणु सहायक कंपनी का गठन किया है।
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में श्रीपद नाइक ने कहा, “एनटीपीसी का 30 गीगावाट का लक्ष्य सरकार के वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने के फैसले का हिस्सा है।”
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एनटीपीसी और न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) का संयुक्त उद्यम अनु शक्ति विद्युत निगम लिमिटेड राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में 4X700 मेगावाट की परमाणु ऊर्जा परियोजना स्थापित करने की प्रक्रिया में है।
इस परियोजना को माही बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना (एमबीआरएपीपी) कहा जाता है। मौजूदा अनुमानों के अनुसार, एमबीआरएपीपी की पहली 700 मेगावाट इकाई का प्रारंभिक परीक्षण वित्त वर्ष 2032-33 तक शुरू होने की संभावना है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि विभिन्न विकल्पों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ संभावित सहयोग की संभावनाएं तलाशने के लिए एनटीपीसी लिमिटेड ने रुचि पत्र (ईओआई) जारी किया है।
एनटीपीसी ने पिछले महीने गुजरात और राजस्थान में अपनी सहायक कंपनियों की विभिन्न सौर परियोजनाओं के जरिए वाणिज्यिक क्षमता में 359.58 मेगावाट की बढ़ोतरी दर्ज की है। इसके साथ ही समूह की कुल वाणिज्यिक क्षमता 85.5 गीगावाट से अधिक हो गई है।
एनटीपीसी देश की करीब एक चौथाई बिजली जरूरतों की पूर्ति में योगदान दे रही है। कंपनी की स्थापित क्षमता 85 गीगावाट से अधिक है, जबकि 30.90 गीगावाट अतिरिक्त क्षमता निर्माणाधीन है, जिसमें 13.3 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता शामिल है।
कंपनी ने वर्ष 2032 तक 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य रखा है, जिससे भारत के नेट जीरो लक्ष्यों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। थर्मल, हाइड्रो, सौर और पवन ऊर्जा के विविध पोर्टफोलियो के साथ एनटीपीसी देश को विश्वसनीय, किफायती और टिकाऊ बिजली उपलब्ध कराने पर फोकस कर रही है।


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