नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ा है। स्टार्टअप फाउंडर्स का कहना ह...
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ा है। स्टार्टअप फाउंडर्स का कहना है कि पीएम मोदी ने न केवल स्टार्टअप्स को समर्थन दिया, बल्कि जेएएम ट्रिनिटी (जन धन, आधार और मोबाइल) और यूपीआई जैसे मजबूत पब्लिक डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के जरिए व्यापार को आसान और सुलभ बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई है।
हेल्थकेयर स्टार्टअप 1एमजी के सीईओ प्रशांत टंडन ने कहा कि मौजूदा समय में भारत में वे सभी सुविधाएं मौजूद हैं, जिनकी एक उद्यमी को जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्टार्टअप्स को राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर पहचान मिली, जिससे भारत दुनिया के प्रमुख स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल हो सका।
प्रशांत टंडन ने कहा कि आज केवल कारोबारी ही नहीं, बल्कि कॉरपोरेट्स, सरकारें और आम नागरिक भी स्टार्टअप्स को समझ रहे हैं और उनका महत्व स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पूरे स्टार्टअप इकोसिस्टम को न केवल सपोर्ट किया, बल्कि उसे आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाई है।
टंडन के अनुसार, भारत के स्टार्टअप सफर में जेएएम ट्रिनिटी (जन धन, आधार और मोबाइल) और यूपीआई जैसे पब्लिक डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इन पहलों से उद्यमिता को बढ़ावा मिला और कारोबारियों को ऐसे समाधान विकसित करने का अवसर मिला, जिनकी देश को वास्तविक जरूरत थी।
अर्बन कंपनी के सह-संस्थापक और सीईओ अभिराज सिंह बहल ने कहा कि जब उन्होंने अर्बन कंपनी की शुरुआत की थी, तब देश में केवल एक-दो यूनिकॉर्न थे। पिछले आठ वर्षों में स्टार्टअप इकोसिस्टम में बड़ा बदलाव आया है और अब 110 यूनिकॉर्न के साथ हजारों स्टार्टअप्स विभिन्न सेक्टर्स में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने इस परिवर्तन का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया।
प्रिस्टिन केयर के सह-संस्थापक हरसिमरबीर सिंह ने कहा कि 2015 में न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में प्रधानमंत्री मोदी के भाषण ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। इस भाषण से प्रेरित होकर उन्होंने भारत लौटने और यहां स्टार्टअप शुरू करने का फैसला किया।
हरसिमरबीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी में एक स्टार्टअप सीईओ जैसी सभी खूबियां हैं। जब वे किसी समस्या को देखते हैं, तो उसके समाधान पर तुरंत काम शुरू कर देते हैं। सेमीकंडक्टर सेक्टर इसका बड़ा उदाहरण है। वैश्विक संकट के समय भारत ने इस क्षेत्र में कदम रखा और स्टार्टअप इकोसिस्टम में 20-30 अरब डॉलर का निवेश हुआ।
रेज कॉफी के संस्थापक भरत सेठी ने कहा कि वर्ष 2016 में विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा स्टार्टअप इंडिया मिशन का उद्घाटन एक ऐतिहासिक क्षण था। उन्होंने कहा कि उस समय बहुत कम लोग समझ पाए थे कि यह पहल भविष्य में कितना बड़ा बदलाव लाएगी।
भरत सेठी के अनुसार, भारत की मौजूदा स्टार्टअप ग्रोथ की नींव स्टार्टअप इंडिया मिशन पर टिकी है। इस पहल ने न केवल उद्यमियों को आत्मविश्वास दिया, बल्कि देश को परिवर्तन के नए दौर में प्रवेश कराने में भी अहम भूमिका निभाई।


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