नई दिल्ली। भारतीय सशस्त्र बलों के प्रशिक्षण को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप बनाने के लिए चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी ने एक महत्वपूर्ण विजन दस्तावे...
नई दिल्ली। भारतीय सशस्त्र बलों के प्रशिक्षण को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप बनाने के लिए चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी ने एक महत्वपूर्ण विजन दस्तावेज जारी किया है। यह दस्तावेज थलसेना, नौसेना और वायुसेना के लिए संयुक्त रूप से तैयार किया गया है, जो प्रशिक्षण पद्धति को अधिक आधुनिक, प्रभावी और भविष्योन्मुखी बनाने पर केंद्रित है।
एकीकृत रक्षा स्टाफ (आईडीएस) द्वारा साझा जानकारी के अनुसार, इस दस्तावेज में वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य तथा भविष्य की संभावित चुनौतियों का विस्तृत आकलन किया गया है।
इसका मुख्य लक्ष्य ऐसे सैन्य नेताओं का निर्माण करना है जो आधुनिक युद्धक्षेत्र की जटिलताओं को समझें और जल, थल, वायु, अंतरिक्ष तथा साइबर जैसे विभिन्न डोमेन में मल्टी-डोमेन ऑपरेशन्स को संयुक्त एवं समन्वित रूप से संचालित करने में सक्षम हों।
विजन दस्तावेज में प्रोफेशनल मिलिटरी एजुकेशन के हर चरण के लिए स्पष्ट शिक्षण उद्देश्य परिभाषित किए गए हैं, ताकि सैन्य अधिकारियों के विकास में क्रमिक और सार्थक प्रगति सुनिश्चित हो सके।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इसमें बुनियादी सैन्य प्रशिक्षण से लेकर उच्च अधिकारियों के सामरिक एवं रणनीतिक स्तर के प्रशिक्षण तक सभी स्तरों के लिए अपेक्षित क्षमताओं और दक्षताओं का व्यवस्थित विवरण शामिल है।
यह दस्तावेज न केवल प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि सशस्त्र बलों को भविष्य की तकनीकी एवं युद्धक आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने का भी प्रयास करता है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी का यह विजन भारतीय सैन्य ढांचे को अधिक समन्वित, सक्षम और वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में एक निर्णायक पहल है।


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