रायपुर, 19 जनवरी 2026 गर्भावस्था का समय हर महिला के लिए बहुत नाजुक होता है। इस दौरान सही खाना, समय पर जांच और दवाइयों की जरूरत होती है। ले...
रायपुर, 19 जनवरी 2026 गर्भावस्था का समय हर महिला के लिए बहुत नाजुक होता है। इस दौरान सही खाना, समय पर जांच और दवाइयों की जरूरत होती है। लेकिन सीमित आमदनी वाले परिवारों के लिए यह सब कर पाना आसान नहीं होता। ऐसे में प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना सरस्वती यादव के लिए बड़ी राहत बनकर आई।
कबीरधाम जिले की रहने वाली सरस्वती यादव बताती हैं कि गर्भावस्था के दौरान घर खर्च के साथ इलाज और पोषण का ध्यान रखना मुश्किल हो रहा था। फल, दूध और दवाइयों के लिए बार-बार सोचना पड़ता था। उन्हें चिंता रहती थी कि कहीं पोषण की कमी से बच्चे पर असर न पड़े। इसी दौरान गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के बारे में बताया। उन्होंने जरूरी कागजात के साथ आंगनबाड़ी केंद्र में आवेदन किया। कुछ समय बाद योजना की राशि सीधे उनके बैंक खाते में आने लगी।
सरस्वती यादव को पहले बच्चे के लिए कुल 5 हजार रुपए की मदद मिली। यह राशि तीन किस्तों में मिली। पहली किस्त 1 हजार रुपए, दूसरी और तीसरी किस्त 2-2 हजार रुपए। सरस्वती कहती हैं कि यह पैसे हमारे लिए बहुत मददगार रही है। इससे अच्छा खाना, फल-दूध और दवाइयां ले पाई। जांच भी समय पर हो सकी। उन्होंने बताया कि पहले गर्भावस्था को लेकर डर बना रहता था, लेकिन योजना से मिली मदद से काफी राहत मिली। परिवार पर भी आर्थिक बोझ कम हुआ।
प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना मातृत्व को सम्मान और सुरक्षा देने की एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना गर्भावस्था के दौरान ग्रामीण और कमजोर वर्ग की महिलाओं को आर्थिक सहारा देकर उनके स्वास्थ्य और पोषण को मजबूत करती है। कबीरधाम जिले में सरस्वती यादव जैसी कई महिलाओं के लिए यह योजना राहत और भरोसे का माध्यम बनी है, जहां छोटी-सी मदद भी सुरक्षित और स्वस्थ मातृत्व की बड़ी ताकत बन रही है।


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